News

चीन में हिंसा, हुबेई से बाहर भाग रहे लोग

चीन में हुबेई के अलावा बाकी हिस्सों में बुधवार को लॉकडाउन खत्म हो गया। इसी बीच शुक्रवार को कोरोना प्रभावित हुबेई में फंसे लोग हुबेई से बाहर निकल कर दूसरे प्रांत में जाने की कोशिश करने लगे, जिसके चलते वहां हिंसा हो गई। पुलिस के साथ लोगों की खूब झड़प हुई।

Anuj Maurya | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

NBT
हाइलाइट्स

  • हुबेई से निकल कर लोग पड़ोसी प्रांत जियांगशी जाने की कोशिश कर रहे थे
  • पुलिस ने लोगों को हुबेई और जियांगशी को जोड़ने वाले पुल पर ही रोक दिया
  • इस बीच पुलिस और पब्लिक में झड़प भी हुई, जिसकी वजह से हिंसा जैसे हालात हो गए
  • बता दें कि बुधवार से ही चीन में हुबेई के अलावा बाकी प्रांतों में लॉकडाउन में ढील दे दी गई है

बीजिंग

चीन से हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि हुबेई से लोग बाहर जाना चाह रहे हैं। लोग भारी संख्या में हुबेई से बाहर जाने की कोशिश कर रहे हैं,जिससे भीड़ और जाम की स्थिति पैदा हो गई। बता दें कि इस दौरान चीन ने लॉकडाउन में ढील दी हुई है। कनाडा की मीडिया द ग्लोब एंड मेल ने चीनी सोशल मीडिया वेबसाइट्स पर डाली गई कुछ वीडियोज का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा था कि हुबेई को पड़ोसी प्रांत जियांगशी से जोड़ने वाले पुल पर भी हिंसा हुई थी।

3 से 6 बजे के बीच हुई झड़प

ऑनलाइन वीडियोज में ये भी दिख रहा है कि भारी भीड़ लॉकगेट को खोलने के लिए चिल्ला रही है। पुलिस की कुछ गाड़ियों को भी पलट दिया गया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार ये हिंसा तब फैली, जब अधिकारियों ने पुलिस को ब्रिज पर तैनात कर दिया और लोगों की हुबेई से जियागशी प्रांत में एंट्री बंद कर दी। टोल बूथ पर मौजूद एक काम करने वाले हुआंग ने द ग्लोब एंड मेल को शुक्रवार को दिए इंटरव्यू में बताया कि ये झड़प शाम तीन बजे से 6 बजे के बीच हुई।

ये भी पढ़ें- भारत में कहां, कितना फैला कोरोना, यहां देखिए पूरी लिस्ट

सरकारी मीडिया ने ब्रिज पर हुई झड़प को कहा खेदजनक

हुआंग ने बताया कि ये सब ब्रिज के बीच में हुआ, जहां रास्ता ब्लॉक कर के लोगों को आगे जाने से रोका जा रहा था। शुक्रवार शाम को डिजिटल मैपिंग ऐप्स में दिखा कि ब्रिज को कंस्ट्रक्शन के लिए दोनों तरफ से बंद कर दिया गया है। वीबो पर चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि ब्रिज पर हुई झड़प खेदजनक है।

अखबार छूने से कोरोना वायरस नहीं फैलताअखबार छूने से कोरोना वायरस नहीं फैलताकोरोना वायरस (कोविड-19) संकट में अखबार अपने पाठकों के लिए प्रतिबद्ध हैं। अखबारों के जरिए कोरोना वायरस (कोविड-19) नहीं फैलता। WHO गाइडलाइंस के मुताबिक, अखबार जैसी चीजें लेना सुरक्षित है। मॉर्डन प्रिंटिंग तकनीक पूरी तरह ऑटोमेटेड है। व्यावसायिक सामान के दूषित होने की संभावना कम है। इसमें हाथों का इस्तेमाल नहीं होता। अखबार बांटने वाली हॉकर सप्लाई चेन पूरी तरह सैनिटाइज्ड होती है।

बुधवार से ही खोल दिया गया है लॉकडाउन

सरकार की आधिकारिक पॉलिसी के अनुसार जो लोग वुहान के बाहर रहते हैं और स्वस्थ हैं, वह बुधवार से ही कहीं भी आ जा सकते हैं। अथॉरिटीज ने रेलवे को दोबारा शुरू कर दिया है, लंबी दूरी की बसें भी शुरू कर दी गई हैं और शुक्रवार तक सभी हाईवे खोल दिए गए हैं। पिछले हफ्तों में हुबेई में सिर्फ एक मामला सामने आया है। हुबेई में अब तक करीब 68000 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 3174 की मौत हो चुकी है।

ये भी पढ़ें- कोरोना वायरस: हेल्पलाइन, हॉस्पिटल… आपके काम की हर जानकारी यहां

8 अप्रैल को खुलेगा हुबेई का लॉकडाउन

शुक्रवार को अथॉरिटीज ने रिस्क की कैटेगरी को हाई रिस्क से घटाकर मीडियम रिस्क पर कर दिया है। 8 अप्रैल को हुबेई का लॉकडाउन खुलने वाला है। बता दें कि अब तक चीन में 81 हजार से भी अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, जबकि करीब 3300 की मौत हो चुकी है।

आपको सर्दी-खांसी या कोरोना वायरस? ऐसे पहचानें, देखें ख़बरों का पंचनामा अनुराग वर्मा के साथआपको सर्दी-खांसी या कोरोना वायरस? ऐसे पहचानें, देखें ख़बरों का पंचनामा अनुराग वर्मा के साथखांसी, जुकाम या बुखार जो सर्दियों के मौसम में सामान्य लगता था अब लोगों के हाथ-पांव फुला रहा है। वजह है कोरोना वायरस। इस जानलेवा वायरस के लक्षण इन्हीं सामान्य रोगों जैसे होते हैं, इसलिए लोग कुछ समझ नहीं पाते। ऐसे में सब खौफ में जी रहे हैं कि कहीं उन्हें या उनके बगल में तेजी से छींक रहा शख्स कोरोना की चपेट में तो नहीं है। अगर आप भी इसी डर से दो चार हो रहे हैं तो आज जान लीजिए कि कोरोना और सामान्य खांसी-जुकाम में क्या फर्क है! देखें Khabron Ka Punchnama Anurag Varma के साथ…
Web Title 
people in china try to leave covid-19 hit hubei after lockdown relaxed, violence erupts
(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)

रेकमेंडेड खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.