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श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी हिंसक मुहिम शुरू करेगा RSS, ओवैसी ने विवादित ट्वीट में जताया डर

हाइलाइट्स:

  • बाबरी से जुड़े फैसलों की वजह से संघ के इरादे और मजबूत हुए: ओवैसी
  • कुछ साल बाद कृष्ण जन्मभूमि पर हिंसक मुहिम शुरू करेगा RSS: ओवैसी
  • ओवैसी बोले- कांग्रेस भी इस मुहिम का एक अटूट हिस्सा बनेगी

नई दिल्ली
मथुरा जिला जज न्यायालय में श्रीकृष्ण विराजमान की 13.37 एकड़ जमीन के स्वामित्व और शाही ईदगाह हटाने की अपील मंजूर हो गई है। अब इस मसले पर 18 नवंबर को सुनवाई होगी। दूसरी ओर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन औवैसी (AIMIM Chief Asaduddin Owaisi) ने विवदित बयान देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर भी हिंसक मुहिम शुरू करेगी।

ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘जिस बात से डर था वही हो रहा है। बाबरी मस्जिद से जुड़े फैसलों की वजह से संघ परिवार के लोगों के इरादे और भी मज़बूत हो गये हैं। याद रखिए, अगर आप और हम अभी भी गहरी नींद में रहेंगे तो कुछ साल बाद संघ इस पर भी एक हिंसक मुहिम शुरू करेगी और कांग्रेस भी इस मुहिम का एक अटूट हिस्सा बनेगी।’

आपको बता दें कि भगवान ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ की ओर 13.37 एकड़ जमीन के मालिकाना हक के लिए सोमवार (13 अक्टूबर) को जिला जज मथुरा की अदालत में अपील की गई थी। इस पर 16 अक्टूबर को सुनवाई का दिन तय किया गया था। आज जिला जज साधना रानी ठाकुर मामले को स्वीकृत कर लिया है। अपील में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन को शाही ईदगाह से मुक्त कराने की मांग की गई है।

30 सितंबर को खारिज हुई थी याचिका
इससे पहले मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन के स्वामित्व और शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग को लेकर अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री सहित छह अन्य की ओर से सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में जमीन को लेकर 1968 में हुए समझौते को गलत बताया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 30 सितंबर को याचिका को खारिज कर दिया था।

1968 समझौते के आधार पर फैसला
सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट ने 1968 में जन्मस्थान और ईदगाह के बीच समझौते के आधार पर वाद खारिज कर दिया था। वाद खारिज होने में Right to sue को भी आधार माना गया था। प्रत्येक भक्त के वाद दायर करने पर न्यायालय को आपत्ति थी। कोर्ट ने न्यायिक और सामाजिक व्यवस्था चरमरा जाने की बात भी थी।

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